ई वाहन नीति पर अमल संबंधी याचिका पर केंद्र को नोटिस

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (वार्ता)। उच्चतम न्यायालय ने सार्वजनिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने के लिए दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को शुक्रवार को नोटिस जारी किया।
मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।
न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह सड़क एवम् परिवहन मंत्रालय के जरिए चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करे।
याचिका में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन पर लगाम लगाने के लिए सभी सार्वजनिक वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने की केंद्र की नीति के क्रियान्वयन का अनुरोध किया गया है।
एनजीओ की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने दावा किया कि सरकार ने सार्वजनिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने की अपनी खुद की नीति का पालन करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए, जबकि यह योजना वायु प्रदूषण पर रोक लगाने और कार्बन उत्सर्जन को सीमित करने के लिए तैयार की गई थी।