हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन्स होगी बंद, कर्मचारियों को दिया जायेगा वीआरएस


नयी दिल्ली, 22 जनवरी (वार्ता)। केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स लिमिटेड की इकाई हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन्स लिमिटेड को बंद करने और कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस)/स्वैछिक सेवामुक्ति योजना (वीएसएस) देने की मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज यहाँ हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि पॉली टेट्रा फ्लोरो इथिलीन और क्लोरो डाई फ्लोरो मिथेन बनाने वाली हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन्स में उत्पादन पहले ही बंद हो चुका है। इसका एक मात्र संयंत्र तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में है।
उन्होंने बताया कि कंपनी में अभी मात्र 88 कर्मचारी हैं जिनके वीआरएस पर 77.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्हें 120 दिन के भीतर बकाया वेतन और अन्य देय राशि का भुगतान कर दिया जायेगा। फिलहाल यह राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में केंद्र सरकार देगी जिसके लिए मंत्रिमंडल ने आज मंजूरी प्रदान कर दी है। यह राशि कंपनी की परिसंपत्ति बेचकर जुटाई जायेगी। यदि परिसंपत्ति बेचने के बाद पूरे ऋण की वसूली नहीं हो पाती है तो शेष ऋण माफ कर दिया जायेगा।
कंपनी वित्त वर्ष 2013-14 से लगातार घाटे में है। उसे 31 मार्च 2019 तक 62.81 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और उसका नेटवर्थ 43.20 करोड़ रुपये ऋणात्मक है।