कौशल विकास के सार्थक परिणाम के लिए किया जा रहा है मूल्यांकन-शर्मा

जयपुर, 17 जनवरी (वार्ता)। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के प्रबंध निदेशक समित शर्मा ने कहा है कि युवाओं में कौशल विकास के क्षेत्र में संचालित कार्यक्रमों का लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है जिससे उसके सार्थक परिणाम मिल सके।
श्री शर्मा आज यहां फिक्की द्वारा आयोजित द्वितीय राजस्थान स्किल समिट के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कौशल विकास कार्यक्रमों में पारदर्शिता लाने के लिए नए नियम लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब कौशल विकास केन्द्रों में प्रशिक्षु की फोटो के साथ आधार बायोमीट्रिक सिस्टम लगााया गया है, साथ ही एक हजार से अधिक कौशल विकास केन्द्रों पर आई पी कैमरे लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा युवाओं के रोजगार के लिए कंपनी द्वारा अब प्रशिक्षाणार्थी की नियुक्ति पत्र की कॉपी, सैलेरी स्लिप, बैंक अकाउन्ट की जानकारी सहित विभिन्न दस्तावेज मांगे जाते हैं जिससे इसमें पारदर्शिता आए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अब प्रशिक्षाणार्थी का तकनीकी कौशल के अतिरिक्त सॉफ्ट स्किल्स का भी मूल्यांकन किया जा रहा है जिससे वह उद्योगों के आवश्यकतानुसार तैयार हो सके।
फिक्की के महासचिव दिलीप चिनॉय ने कहा कि स्किलिंग ईको सिस्टम के लिए डिमांड और सप्लाई अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत स्किल कैपिटल बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कौशल विकास केंद्रों की पहल के लिए राजस्थान की सराहना की और कहा कि उद्यमियों को कुशल श्रमिक प्राप्त करने के लिए सरकार पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए स्वयं के कार्यक्रम भी आरंभ करने चाहिए।