स्वास्थ्य, शिक्षा, भ्रष्टाचार पर विफल रही केजरीवाल सरकार : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (वार्ता)। कांग्रेस ने स्वास्थ्य, शिक्षा, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा तथा बेरोजगारी को लेकर आम आदमी पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा है कि इन मुद्दों पर केजरीवाल सरकार विफल रही है और उसने दिल्ली की जनता को सिर्फ गुमराह करने का काम किया है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक पेज पर ट्वीट कर बुधवार को कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के दावे खोखले साबित हुए हैं जबकि शिक्षा तथा स्वास्थ्य बजट का पूरा पैसा खर्च नहीं किया। भ्रष्टाचार मिटाने को लेकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी ने जमकर घोटाला किया है। महिला सुरक्षा को लेकर महज पांच फीसदी निधि ही खर्च की गयी है और आठ लाख लोगों को रोजगार देने का दावा झूठा साबित हुआ है।
पार्टी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल सरकार ने सिर्फ दावे ही किए हैं तथा जमीनी हकीकत कुछ और ही रही है। उसने 46 प्रतिशत बजट बर्बाद किया है और उसके शासन काल में 1.32 लाख छात्रों ने स्कूल छोड़ा है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के प्रवेश में 20 प्रतिशत की कमी आयी है। पार्टी ने कहा, “चुनिंदा स्कूलों को मॉडल के रूप में पेश करके आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्लीवासियों के साथ छल किया है। अच्छी और सुलभ शिक्षा तब मिलेगी, जब बजट को खर्च किया जाएगा।”
मोहल्ला क्लीनिक को लेकर केजरीवाल सरकार के दावों पर पार्टी ने कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार के मोहल्ला क्लीनिक ‘मृग मरीचिका’ साबित हुए हैं। कागजों पर शोर है, जमीन पर कुछ और है।” उसने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य के लिए आवंटित 46 फीसदी बजट खर्च ही नहीं किया गया है जबकि एक हजार मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा था लेकिन महज 450 ही खोले गये हैं। इस दौरान कोई नया अस्पताल भी नहीं बना है।कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को लेकर भी केजरीवाल सरकार पर जमकर हमला किया और कहा, “ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दम्भ भरकर अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी सरकार सत्ता पाते ही सारे आदर्श भूल गई और घोटालों की परतें इनकी बुरी नीयत की खिड़कियों से झांकने लगी।”
पार्टी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने 8532 करोड़ रुपए का बिजली घोटाला किया और निजी डिस्कॉम का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से आडिट करने का अपना वादा भी पूरा नहीं किया है।
बेरोजगारी तथा महिला सुरक्षा पर पार्टी ने केजरीवाल सरकार को घेरते हुए कहा कि उसने महिला सुरक्षा को लेकर यह सरकार पूरी तरह से उदासीन रही है। दिल्ली में उसकी सरकार बनी तो मंत्रिमंडल में महिलाओं को कोई जगह नहीं दी गयी। पार्टी ने कहा, “महिला सुरक्षा के प्रति केजरीवाल सरकार की उदासीनता निर्भय फण्ड को खर्च करने में देखी जा सकती है। निर्भया फण्ड का मात्र पांच प्रतिशत खर्च करके महिला सुरक्षा का दावा करना हास्यास्पद है।”
पार्टी ने बेरोजगारी को लेकर भी श्री केजरीवाल को घेरा और कहा,“ जिस मुखिया के पास पिटते हुए छात्र-छात्राओं की सुध लेने का भी समय न हो, उससे उनके रोजगार या मूलभूत सुविधाओं के बारे में उम्मीद करना बेकार है।”