शेयर बाजारों में चार दिन का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला थमा, सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली गिरावट


मुंबई। शेयर बाजारों का पिछले चार कारोबारी सत्रों से रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला सोमवार को थम गया। मुख्य रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी नीचे आए। निवेशकों को छुट्टियों से पहले नए संकेतकों का इंतजार है। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 38.88 अंक या 0.09 प्रतिशत के नुकसान से 41,642.66 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 9.05 अंक या 0.07 प्रतिशत के नुकसान से 12,262.75 अंक पर आ गया। 




रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.78 प्रतिशत टूट गया। सेंसेक्स की गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर का सबसे अधिक योगदान रहा। सरकार रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा सऊदी अरामको को हिस्सेदारी बेचने की योजना में 'अड़चन' लगा रही है। पिछले सप्ताह सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रिलायंस की अपने तेल एवं रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरामको को 15 अरब डॉलर में बेचने की योजना पर रोक की अपील की है। सरकार का कहना था कि रिलायंस पर पन्ना-मुक्ता और ताप्ती तेल एवं गैस क्षेत्रों का 3.5 अरब डॉलर का बकाया है। 


हालांकि, प्रतिशत के हिसाब नेस्ले इंडिया का शेयर सबसे अधिक 2.20 प्रतिशत टूटा। यह नेस्ले का सेंसेक्स में कारोबार का पहला दिन था। इसके अलावा एसबीआई, टेक महिंद्रा, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं दूसरी ओर मारुति, हीरो मोटोकॉर्प, कोटक बैंक, बजाज आटो और बजाज फाइनेंस के शेयरों में लाभ रहा जिससे बाजार की गिरावट सीमित रही। कारोबारियों ने कहा कि सेंसेक्स के शेयरों में बदलाव से कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला, क्योंकि कोष प्रबंधक अपने पोर्टफोलियो को समायोजित कर रहे थे। 


येस बैंक, वेदांता, टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर के शेयर सेंसेक्स से हट गए हैं। इनके स्थान पर टाइटन कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट और नेस्ले इंडिया के शेयर शामिल किए गए हैं। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.09 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। वैश्विक शेयर बाजारों में सुस्त कारोबार तथा झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक नतीजों से भी निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया। 


कोटक सिक्योरिटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेयर तकनीकी शोध श्रीकान्त चौहान ने कहा, ''सेंसेक्स और निफ्टी पिछले बंद स्तर की तुलना में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। वाहन कंपनियों के शेयर कमजोर धारणा से उबरे। मारुति और हीरो मोटोकॉर्प में लाभ रहा। एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के शेयर भी बढ़त में रहे। झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने अपने सौदे कम किए।'' वाहन कंपनियों के शेयर लाभ में रहे जबकि बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चला।


अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की लाभ में रहे। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे के नुकसान से 71.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। ब्रेंट कच्चा तेल 0.05 प्रतिशत के नुकसान से 66.11 डॉलर प्रति बैरल पर था।