लोकसभा में बोले अधीर रंजन चौधरी, रेलवे सुधरने के बदले बिगड़ता जा रहा है


नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पिछले कुछ वर्षो में रेलवे सुधरने (रिफार्म) के बदले बिगड़ता (डिफार्म) जा रहा है। वर्ष 2020-21 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में रेलवे में काफी कमियां आई हैं और कामकाज में गिरावट दर्ज की गई है। रेलवे लक्ष्य हासिल करने में विफल रहा है और पर्याप्त राजस्व भी नहीं जुटा पाया है, साथ ही इसका परिचालन अनुपात काफी बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नयी रेल लाइन का निर्माण हो या आमान परिवर्तन कार्य का लक्ष्य, पिछले कुछ वर्षो में काम लक्ष्य के अनुरूप नहीं रहे। बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महात्वाकांक्षी परियोजना है लेकिन हम जानना चाहते हैं कि क्या इसे 2022 तक पूरा किया जा सकेगा? चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षो में रेलवे के मुनाफे में सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जबकि परिचालन अनुपात बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के निजीकरण की बात करती है तब रेलवे को चलाने का काम राज्यों को क्यों नहीं सौंपती। उन्होंने कहा कि रेलवे के निजीकरण की बात ठीक नहीं है, पूरा सदन इसके खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘रेलवे रिफार्म के बदले डिफार्म होता जा रहा है।’’