नवजात की मौत के बाद भी शाहीन बाग में नहीं थमा बच्चों को लेकर प्रदर्शन का दौर, दर्ज हुई शिकायत


कोरोना का खौफ देभभर में बढ़ता जा रहा है। भारत में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। राजधानी दिल्ली का आलम यह है कि यहां के अधिकतर बाजारों की रौनक खत्म हो गई है। कनॉट प्लेस जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में भी सन्नाटा पसरा है। दिल्ली मेट्रो के कोच और स्टेशनों को लगातार सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली में सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने की भी अपील की गई है। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर सवाल उठने लगे हैं। ये सवाल खासकर उन बच्चों और नवजातों को लेकर ज्यादा उठ रहे हैं, जिन्हें लेकर उनकी मां सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने शाहीन बाग आती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) में इस बात को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई है।  इसमें कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव और खतरे को देखते हुए शाहीन बाग में बच्चों की मौजूदगी पर कार्रवाई की मांग की गई है। शाहीन बाग में बच्चों को लेकर प्रदर्शन करने को लेकर दो महीने पहले भी सवाल उठे थे जब एक नवजात की मौत हो गई थी।