कोरेगांव भीमा आने वाले लोगों को CAA-NRC पर विरोध की नहीं होगी इजाजत


पुणे। कोरेगांव भीमा गांव के आसपास एक जनवरी 2018 को हुई हिंसा और नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने इस बार एक जनवरी को आने वाले लोगों को नए नागरिकता कानून और एनआरसी पर किसी तरह की तख्तियां लाने और नारेबाजी की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है । जिला कलेक्टर नवल किशोर राम ने सोमवार को बताया कि लोग कोरेगांव भीमा आ सकते हैं और आयोजन के दौरान युद्ध स्मारक जय स्तंभ पर श्रद्धांजलि दे सकते हैं।


उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हम सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर किसी तरह की तख्तियां, बैनर लाने या नारेबाजी की इजाजत नहीं देंगे। कोरेगांव भीमा आने वाले लोग जय स्तंभ पर श्रद्धांजलि देंगे और वापस शांतिपूर्वक लौटेंगे।''


राम ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे की भीड़ शांति व्यवस्था को नहीं बिगाड़े। उन्होंने कहा कि हम आने वाली भीड़ को सीएए, एनआरसी और अन्य किसी मुद्दे पर इस्तेमाल नहीं होने देंगे। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आयोजन स्थल पर सभाएं करने की अनुमति मांगने वाले संगठनों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि उनके भाषण भड़काऊ नहीं होने चाहिए।